गिटारवादक जोर्मा कॉउकोनेन का शरीर सिर्फ त्वचा नहीं है, बल्कि सैन फ्रांसिस्को के प्रति-संस्कृति का एक जीवित इतिहास है, जहां हर रेखा उस गुरु के नाम से जुड़ी है जिसने टैटू संस्कृति को बदल दिया। सैन जोस में गिटार बजाना सीखने से लेकर डॉन एड हार्डी के बड़े पैमाने पर काम तक उनकी यात्रा इस बात की कहानी है कि कैसे टैटू विद्रोह के निशान से एक ऐसी भाषा बन गया जिस पर पूरी पीढ़ी बोलती है।