हैदराबाद, वह शहर जहाँ परंपराएँ आधुनिकता के साथ घुलमिल जाती हैं, में एक ऐसी इमारत है जिसे नज़रअंदाज़ करना असंभव है। यह हवा में तैरती एक विशाल मछली की तरह दिखती है, और 2012 में अपने उद्घाटन के बाद से ही यह चर्चा, मज़ाक और यहाँ तक कि टैटू के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। हाँ, आपने सही पढ़ा – किसी ने इस वास्तुशिल्प विचित्रता को अपनी त्वचा पर अमर करने का फैसला किया।