टैटू उद्योग निशाने पर: दिल्ली HC ने सख्त नियंत्रण की मांग की

Тату-мастер в черных перчатках использует золотой роторный аппарат для нанесения чернил на кожу, на переднем плане — детализированный геометрический узор в стиле blackwork с острыми линиями и точечной текстурой

भारत के टैटू उद्योग से सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन यह अभी भी किसी भी संघीय विनियमन के बिना काम कर रहा है। इसके कारण 20 मई, 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में उद्योग के लिए सख्त सुरक्षा और नियंत्रण नियम लागू करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी।

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