एक ऐसी स्थिति की कल्पना करें: आप एक गैलरी में जाते हैं, आपको एक कलाकृति पसंद आती है, और आप उसे खरीद लेते हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती – आपको सिर्फ दीवार पर पेंटिंग टांगने का ही नहीं, बल्कि उसे अपने शरीर का हिस्सा बनाने का भी मौका मिलता है। यही चुनौती कलाकार डैन विट्ठी एडिलेड में अपनी नई प्रदर्शनी में पेश कर रहे हैं।